जयपुर की अनूठी “भाईचारा रसोई”

जयपुर: कोरोना महामारी में लॉक डाउन के चलते दिहाड़ी मजदूरों को भूख से तड़पते हुए आदर्श नगर में भोमियां जी की छतरी पर रहने वाले 35 वर्षीय सिराज कुरैशी ने जब देखा तो तुरंत उनके लिए कुछ भोजन राशन के इंतजाम करने की योजना बनाई ओर अपने कुछ दोस्तों से बात कर राशन वितरित करना शुरू किया, लेकिन दो दिन बाद उन्हें फिर भोजन के पैकेट बना कर देना शुरू कर दिया ,इसके लिए उन्होंने एक भाईचारा रसोई बनाई जिसमें दोनों समुदाय के लोग जुड़ गए है। इस अनोखी रसोई में सुबह से ही पुडी, सब्जी, आलू की बिरयानी बननी शुरू हो जाती है और शाम को जरूरत मंद करीब 550-600 परिवारों को बांट दी जाती हैं, सिराज कुरैशी ने बताया की भोमिया जी की छतरी, हमीद मार्ग, दीपक मार्ग, तिवाड़ी जी का बाग ओर आस पास के परिवारों को भोजन के पेकिट प्रदान किए जाते है और इस रसोई में समाज के कई सक्षम लोग आगे बढ़ कर सहयोग कर रहे हैं, कुरैशी ने बताया की हमारी टीम का एक ही लक्ष्य है कि हमारे यहां एक भी परिवार रात को भूखा नहीं सोए ओर इसके लिए हम हर समुदाय के ऐसे परिवारों को तलाशते भी रहते हैं। सिराज कुरैशी ने बताया कि हमारी टीम में दोनों समुदायों के लोग है इसलिए इस रसोई का नाम हमने भाई चारा रसोई रखा है ओर हमारी टीम में राजू कुरैशी, पप्पू भाई, बाबू भाई, फिरोज कुरैशी, नासिर कुरैशी, मेहराज चाचा, योगेन्द्र सैनी, रज्जाक भाई,संजू, किशनपाल, पूजा,ममता, सागर, मिंटू इत्यादि है ओर यह सभी पूरी तरह से निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं।


अभी हाल ही में आदर्श नगर एमएलए रफीक खान ने भी इस रसोई का दौरा कर हौसला अफजाई की थी।


सबसे खास बात तो यह है की इस खतरनाक संक्रामक कोरोना वाइरस के बावजूद भी भाईचारा रसोई की टीम डगमगाई नहीं है बल्कि अपनी रसोई की क्षमता बढ़ाते जा रहे है और समाज के लोग भी इन्हे देख कर अचंभित है ओर इनकी हिम्मत की दाद दे रहे हैं। भाईचारा रसोई जैसी शुरुआत करके कई परिवारों को राहत देने जैसे प्रयास के लिए सिराज कुरैशी ने बताया की वह तो अपनी टीम के सहयोग से इन्सानियत का धर्म मात्र ही निभा रहे हैं, बस! वह चाहते है समाज में कोई भूखा नहीं सोए।

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