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सेन्ट्रल पार्क से आती है आवाजे ‘चलती है क्या’ | Central Park Jaipur

राजधानी जयपुर की पॉश कॉलोनी का पॉश पार्क ”सेन्ट्रल पार्क” जहां शहर भर से लोग मॉर्निंग और इवनिंग वॉक करने आते है जिनमें ज्यादातर शहर के वीआईपी वर्ग के होते है। गुलाबी नगर का यह अकेला ऐसा पार्क है जिसका एक चक्कर ही चार किलोमीटर से कुछ ज्यादा है। पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव के बंगलों के ठीक सामने बना यह पार्क अब बदनाम भी हो चला है। पार्क में पेड़ों, झाडिय़ों के पीछे बैठे प्रेमी युगल कई बार बेहद आपत्तिजनक मुद्राओं में आ जाते है कि सैर करने वालों के सिर एक बार तो शर्म से झुक जाते है, खासकर दोपहर और सांयकाल तो इन प्रेमी युगलों का यहां जमावड़ा लग जाता है। सरेआम एक-दूसरे को आलिंगन करने की बढ़ती हरकतों के चलते अब लोगों ने परिवार सहित यहां आना ही छोड़ दिया है। राजापार्क से यहां अपनी पत्नी और बेटी के साथ शाम को सैर पर आने वाले व्यावासायी राकेश ने बताया कि इन प्रेमी युगलों की गलत हरकतों के कारण उन्होंने सैर करने की जगह बदल ली है क्योंकि यहाँ शर्मनाक हरकते बढ़ती जा रही हैं।

सेन्ट्रल पार्क के अन्दर तो यह आपत्तिजनक खेल चल ही रहा है इससे ज्यादा पार्क के बाहर भी चल रहा है। अगर यह कहे कि कॉलगर्ल का यहां ठिकाना बन गया है तो कहना गलत नहीं होगा। पार्क के बाहर पैदल, सवारी रिक्शे में और किसी कोने में खड़ी संदिग्ध युवतियां नजर आ जाती है जिन्हें तलाश रहे ग्राहक आँखों ही आँखों में बातचीत कर लेते है और वह उनके दोपहिया अथवा चारपहिया वाहनों में बैठ कर चल देती है। मनिहारों का रास्ता में रहने वाले एक नौकरीपेशा विवाहित युवक ने बताया कि गत दिनों उसे कार्यालय से सीधे एक समारोह में जाना था इसलिये उसने अपनी पत्नी को सेन्ट्रल पार्क के मुख्य गेट पर पहुंचने के लिये कह दिया, पत्नी पहुंच गयी और वह दस मिनट बाद पहुंचा लेकिन वह दस मिनट उसकी पत्नी ने काफी तकलीफ में बिताये। कॉल गर्ल के ग्राहकों की धूरती नजरे और जानबूझ कर गाड़ी रोक कर खड़े होते लोग देखकर उसकी पत्नी घबरा गई। वह यह जब तक समझ पाती जब तक तो हेलमेट लगाये एक मोटरसाईकिल चालक ने रूक कर कह ही दिया ”चलती है क्या” यह सुन उनकी पत्नी ने मुझे मोबाईल किया तो वह भाग छूटा। इस युवक ने बताया कि उसके दस मिनट, दस घण्टे की तरह बीते। पत्नी ने जब यह वाक्या बताया तो एक बारगी में भी सन्न रह गया और अगली बार से सेन्ट्रल पार्क से तौबा कर ली।

अभी कुछ माह पूर्व ही राजधानी जयपुर के एक बड़े समाचार पत्र ने सेन्ट्रल पार्क के बाहर इस तरह का स्टिंग ऑपरेशन करके पुलिस प्रशासन को चेताया भी था लेकिन यह ”डर्टी गेम” पुलिस भी नहीं रोक पायी बल्कि इस नये अड्डे की जानकारी अखबार की खबर के जरिये शहर भर को हो गयी जिसके चलते शौकिन ग्राहकों की आवाजाही यहां बढ़ गयी है। हैरानी है कि इतने वीआईपी पार्क में भी जब यह गन्दा खेल चल रहा है तो शहर के बाकि पार्कों की हालत क्या होगी।

(हैलो जयपुर ब्यूरो)

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